यूरोपीय आयोग ने बुधवार को एक प्रस्ताव रखा है जिसके तहत आपराधिक मामलों की सुनवाई, जो किसी अन्य यूरोपीय देश में हो रही है, में दूरस्थ रूप से भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। इस प्रस्ताव का उद्देश्य आरोपियों, प्रतिवादियों और पीड़ितों की उपस्थिति सुनिश्चित करना है, भले ही वे शारीरिक रूप से अदालत में मौजूद न हों। यह सुविधा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य डिजिटल माध्यमों से प्रदान की जाएगी। आयोग का मानना है कि इससे न्याय प्रक्रिया सुगम होगी और सीमा पार अपराधों से निपटने में मदद मिलेगी। यह प्रस्ताव यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच न्यायिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कदम से कानूनी कार्यवाही में शामिल लोगों के लिए यात्रा और संबंधित खर्चों में भी कमी आएगी। प्रस्ताव पर अब यूरोपीय संसद और सदस्य देशों द्वारा विचार किया जाएगा।