यूरोपीय संघ (ईयू) उत्तरी अफ्रीका को एक प्रमुख ऊर्जा केंद्र बनाने की योजना बना रहा है। इसके तहत, 2035 तक उत्तरी अफ्रीका में 15 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। यह परियोजना मुख्य रूप से सौर और पवन ऊर्जा पर केंद्रित है। ईयू का मानना है कि इस पहल से न केवल उत्तरी अफ्रीकी देशों को लाभ होगा, बल्कि यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। इस योजना के माध्यम से, यूरोपीय संघ ऊर्जा के लिए अपनी निर्भरता कम करने और जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहा है। यह सहयोग दोनों क्षेत्रों के लिए आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा कर सकता है। फिलहाल, परियोजना के कार्यान्वयन की विस्तृत रणनीति पर काम चल रहा है।