यूरोपीय संसद के सदस्य तुर्की में मानवाधिकारों और कानून के शासन की स्थिति पर एक तीखी रिपोर्ट लाने की मांग कर रहे हैं। यह रिपोर्ट इस सप्ताह मतदान के लिए रखी जाएगी और इसमें कहा जा सकता है कि तुर्की की यूरोपीय संघ में सदस्यता की राह लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन, न्यायिक हस्तक्षेप और विपक्षी दलों पर बढ़ते दबाव के कारण बाधित है। स्टॉकहोम सेंटर फॉर फ्रीडम के अनुसार, विभिन्न राजनीतिक समूहों के सांसदों ने रिपोर्ट में अधिक कठोर आलोचना शामिल करने का आग्रह किया है। रिपोर्ट में तुर्की में विपक्षी दलों पर बढ़ते दबाव और न्यायिक स्वतंत्रता में कमी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट अंकारा और यूरोपीय संघ के संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी। तुर्की की सदस्यता प्रक्रिया फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है। यह रिपोर्ट यूरोपीय संसद में तुर्की की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दे सकती है।