यूरोपीय संसद में कल, 17 जून को, एक महत्वपूर्ण मतदान होना है जो 'नई जीनोम तकनीक' (NTG) से विकसित पौधों के भविष्य का निर्धारण करेगा। ये तकनीकें फसलों को जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक लचीला और उर्वरकों तथा कीटनाशकों पर कम निर्भर बनाने का वादा करती हैं। समर्थकों का तर्क है कि इससे कृषि उत्पादन में सुधार होगा। हालांकि, विरोधियों का कहना है कि यह आनुवंशिक रूप से संशोधित जीवों (GMO) की वापसी का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह मतदान यूरोपीय संघ में इन पौधों के बाजार में प्रवेश और खेती के नियमों को आसान बनाने के उद्देश्य से है। इस मुद्दे पर गहन बहस चल रही है, जिसमें दोनों पक्षों द्वारा अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
