यूरोपीय संसद ने आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा बनाई गई यौन रूप से स्पष्ट छवियों को उत्पन्न करने वाले सिस्टम पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया। यह कदम यूरोपीय संघ (ईयू) परिषद द्वारा औपचारिक रूप से अपनाए जाने के बाद ही लागू होगा। इस प्रतिबंध का उद्देश्य डीपफेक और अन्य एआई-जनित यौन सामग्री के प्रसार को रोकना है। संसद का मानना है कि इस तरह की तकनीकें व्यक्तियों, विशेष रूप से महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकती हैं। प्रस्ताव में एआई सिस्टम के दुरुपयोग से उत्पन्न गोपनीयता और डेटा सुरक्षा संबंधी चिंताओं को भी संबोधित किया गया है। यूरोपीय संसद ने इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। अब इस प्रस्ताव पर ईयू परिषद द्वारा विचार किया जाएगा, जिसके बाद यह कानून बन सकता है।
