यूरोपीय संघ की नई शरणार्थी नीति इस शुक्रवार से लागू हो रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य शरणार्थियों के लिए नियम सख्त करना और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है। यह प्रणाली शरण आवेदन प्रक्रिया को तेज करने और अवैध प्रवासन को कम करने पर केंद्रित है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह नीति शरण चाहने वालों के अधिकारों को सीमित कर सकती है। नई नीति के तहत, शरण आवेदनों का मूल्यांकन तेजी से किया जाएगा, और जिन आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा उन्हें तेजी से वापस भेजा जाएगा। सदस्य देशों को शरणार्थियों के पुनर्वास में अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी, लेकिन यह जिम्मेदारी अनिवार्य नहीं होगी। इस नीति के सफल कार्यान्वयन में अभी भी कई चुनौतियां हैं, जिनमें सदस्य देशों के बीच सहमति और संसाधनों का उचित वितरण शामिल है।