यूरोपीय संघ के नौसैनिक बलों, ऑपरेशन इरिनी के तहत, एक तेल टैंकर पर सवार हुए हैं, जिसके रूसी "छाया बेड़े" से जुड़े होने का संदेह है। यह मिशन 2020 में संयुक्त राष्ट्र के लिबिया हथियार प्रतिबंध को लागू करने के लिए स्थापित किया गया था। यूरोपीय संघ का यह कदम रूस पर प्रतिबंधों को लागू करने के प्रयासों को दर्शाता है। अधिकारियों का मानना है कि यह तेल टैंकर प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। इस कार्रवाई से रूस के तेल निर्यात पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है। जांच जारी है और आगे की जानकारी जल्द ही सामने आने की उम्मीद है। यह यूरोपीय संघ की समुद्री सुरक्षा पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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