एमनेस्टी इंटरनेशनल ने युगांडा और रवांडा में प्रवासी वापस भेजने की यूरोपीय संघ की योजना की आलोचना की है। पांच यूरोपीय संघ देशों - ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी, ग्रीस और नीदरलैंड्स - द्वारा यूरोप से निर्वासित होने वाले प्रवासियों के लिए “रिटर्न हब” स्थापित करने की योजना को एमनेस्टी ने मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का खतरा बताया है। संगठन का कहना है कि ये व्यवस्था प्रवासियों को दुरुपयोग और शोषण के प्रति संवेदनशील बना सकती है। ये देश आज इस मुद्दे पर विचार करने के लिए बैठक कर रहे हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इन देशों से योजना पर पुनर्विचार करने और प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया है। यह योजना अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। यह कदम प्रवासियों की सुरक्षा और गरिमा को प्राथमिकता देने में विफल रहता है।