यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने यूक्रेन युद्ध के बावजूद रूस के साथ सीधी कूटनीतिक संपर्क स्थापित करने के अपने कार्यालय के प्रयासों का बचाव किया है। उनका तर्क है कि संवाद के रास्ते खुले रखना आवश्यक है, भले ही तत्काल शांति वार्ता की कोई संभावना न हो। कुछ यूरोपीय संघ के नेताओं ने इस पहल पर चिंता व्यक्त की है, उनका मानना है कि यह रूस पर दबाव बनाए रखने और समन्वित दृष्टिकोण की कमी को दर्शाता है। वहीं, स्पेन और आयरलैंड जैसे देशों ने इस कदम का समर्थन किया है, इसे रूस को यूरोपीय संघ के संदेशों को सीधे पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपकरण बताया है। यह पहल यूरोपीय संघ के भीतर रूस के प्रति दृष्टिकोण में विभाजन को भी उजागर करती है। कोस्टा का कहना है कि संवाद बंद करने से स्थिति और बिगड़ सकती है। यह प्रयास मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण राजनयिक कदम है।