यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन में यूक्रेन संकट पर एक बार फिर आम सहमति बनाने में मुश्किलें आ रही हैं। पिछले साल मार्च में हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ने इस मुद्दे पर एकता को भंग कर दिया था, और बाद में उन्होंने एक अन्य नेता को भी अपने साथ जोड़ लिया। सूत्रों के अनुसार, हंगरी के एक राजनेता, पेटर मग्यार, ने दावा किया है कि उनकी पहल पर अंतिम क्षण में दस्तावेज़ के कुछ हिस्सों को हटा दिया गया। इससे यूरोपीय संघ के भीतर यूक्रेन को समर्थन देने की रणनीति पर विभाजन स्पष्ट हो गया है। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि यूक्रेन के प्रति यूरोपीय संघ की एकजुटता बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण है। शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे पर आगे की चर्चा होने की संभावना है, लेकिन परिणाम अनिश्चित हैं। इस स्थिति से यूक्रेन को मिलने वाली सहायता और यूरोपीय संघ की विदेश नीति पर असर पड़ सकता है।
