यूरोपीय परिषद में रूस के साथ कूटनीतिक संबंधों को लेकर गंभीर मतभेद उभर कर सामने आए हैं। मुख्य विवाद इस बात पर है कि रूस के साथ बातचीत और संवाद का नेतृत्व कौन करेगा। पुर्तगाल के कोस्टा ने इस जिम्मेदारी को संभालने की इच्छा जताई है। हालांकि, इस दावे का अन्य शक्तिशाली यूरोपीय नेताओं ने विरोध किया है। जर्मनी के मर्ज़, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टारमर भी इस भूमिका में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। इस स्थिति ने यूरोपीय संघ के भीतर एक आंतरिक खींचतान पैदा कर दी है। वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं है कि रूस के साथ संवाद के लिए किसे अधिकृत किया जाएगा। यह विवाद रूस के साथ भविष्य की रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।
