मई महीने में यूरोपीय संघ (EU) में महंगाई दर बढ़कर 3.3 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले साल के ऊर्जा संकट के समय के करीब है। यूरोस्टेट के अनुसार, यह वृद्धि 0.1 प्रतिशत अंक की है। वहीं, भारत में इस दौरान महंगाई में 0.3 प्रतिशत अंक की कमी आई और यह 1.8 प्रतिशत पर आ गई। इस आंकड़े से पता चलता है कि यूरोपीय संघ में महंगाई की दर भारत से लगभग दोगुनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि यूरोपीय संघ में महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण है। भारत में महंगाई में गिरावट आर्थिक स्थिरता का संकेत है। यह अंतर दोनों क्षेत्रों की आर्थिक स्थितियों में महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है।