यूरोपीय संघ में गैस भंडारण क्षमता 64% तक गिर गई है, जिससे सर्दियों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है। ईरान युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंधों के कारण तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति में कमी आई है। यह स्थिति यूरोपीय संघ को ‘सर्दियों के डर’ की स्थिति में धकेल रही है, क्योंकि ऊर्जा की मांग बढ़ने पर आपूर्ति बनाए रखने को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भंडारण का यह स्तर संतोषजनक नहीं है और आने वाले महीनों में कीमतों में वृद्धि हो सकती है। स्थिति को देखते हुए, यूरोपीय संघ ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और गैस की खपत को कम करने के लिए उपाय कर रहा है। यह संकट यूरोपीय ऊर्जा सुरक्षा पर रूस की निर्भरता को भी उजागर करता है। आगे आने वाले दिनों में, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यूरोपीय संघ इस चुनौती का सामना कैसे करता है।