एमनेस्टी इंटरनेशनल ने यूरोपीय संघ (ईयू) और लिबिया के बीच आप्रवासन पर सहयोग को लेकर कड़ी आलोचना की है। संगठन ने इस सहयोग को ‘नस्लवादी’ करार देते हुए कहा है कि इससे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। एमनेस्टी का आरोप है कि ईयू, लिबिया को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करके, जानबूझकर उन परिस्थितियों को बढ़ावा दे रहा है जहाँ आप्रवासियों और शरणार्थियों के साथ दुर्व्यवहार होता है। रिपोर्ट में लिबिया में प्रवासियों के खिलाफ मनमानी गिरफ्तारी, यातना और शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एमनेस्टी ने ईयू से लिबिया के साथ इस सहयोग को तत्काल समाप्त करने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि ईयू को आप्रवासन नीतियों को इस तरह से तैयार करना चाहिए जो मानवीय गरिमा और अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान करे। इस रिपोर्ट से ईयू की आप्रवासन नीति पर फिर से सवाल उठने की संभावना है।
