यूरोपीय आयोग की डिजिटल मामलों की आयुक्त हेन्ना विर्कुनेन ने सेउटा में हुए प्रवासन संकट के लिए मेटा और टिकटॉक जैसी तकनीकी कंपनियों को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि इन प्लेटफार्मों पर फैली गलत सूचनाओं के कारण ही संभवतः दसियों हज़ार लोग स्पेन की सीमा में घुस आए। विर्कुनेन ने इन कंपनियों पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने का आरोप लगाया है। उनका मानना है कि सोशल मीडिया कंपनियों को गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये कंपनियां इस संकट में भागीदार हैं और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। यूरोपीय आयोग इस मुद्दे पर तकनीकी कंपनियों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है। इस घटना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी और गलत सूचना के प्रसार को लेकर बहस छेड़ दी है।