यूरोपीय संघ ‘चीन शॉक 2.0’ से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रहा है, जिसके जवाब में बीजिंग से जुड़े एक थिंक टैंक के शोधकर्ता ने ब्रुसेल्स पर चीन के आर्थिक उदय को यूरोप के लिए स्वाभाविक खतरा बताने वाली गलत धारणा पर टिके रहने का आरोप लगाया है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस आलोचना के बीच बीजिंग ने इस महीने चीनी राजधानी में यूरोपीय संघ के साथ दो उच्च-स्तरीय बैठकें रद्द कर दी हैं, जिनमें एक मंत्रिस्तरीय डिजिटल संवाद और एक वरिष्ठ यूरोपीय संघ के राजनयिक की यात्रा शामिल है। थिंक टैंक का तर्क है कि यूरोप अपनी आर्थिक चुनौतियों के लिए चीन को दोष देकर अपनी विफलताओं से ध्यान भटका रहा है। रद्द की गई बैठकों से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने के संकेत मिलते हैं। यह घटनाक्रम यूरोपीय संघ और चीन के बीच बढ़ते आर्थिक और राजनीतिक मतभेदों को दर्शाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्थिति भविष्य में दोनों के बीच सहयोग को और मुश्किल बना सकती है।