यूरोपीय संघ (ईयू) ‘मेड इन ईयू’ लेबल को विस्तारित करने की योजना बना रहा है, जिससे यूनाइटेड किंगडम, जापान और दक्षिण कोरिया में निर्मित वाहनों को भी शामिल किया जा सकेगा। इस कदम का उद्देश्य चीनी ऑटोमोबाइल के खिलाफ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। वर्तमान में, ‘मेड इन ईयू’ लेबल केवल यूरोपीय संघ के भीतर निर्मित उत्पादों पर लागू होता है। नए नियम इन गैर-यूरोपीय निर्माताओं को कर लाभ प्रदान करेंगे, जिससे वे यूरोपीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें। यह निर्णय यूरोपीय ऑटो उद्योग को चीनी वाहनों के बढ़ते प्रभाव से बचाने के लिए लिया गया है। ईयू का मानना है कि यह कदम यूरोपीय नौकरियों और आर्थिक विकास को भी समर्थन देगा। इस विस्तार से प्रभावित वाहन निर्माताओं को यूरोपीय संघ के गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा।