यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में शुक्रवार, 12 जून से 'यूरोपीय शरण और आव्रजन पैक्ट' प्रभावी हो गया है। वर्ष 2024 में अपनाए गए इस कानून का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ के देशों के बीच शरण के लिए एक साझा प्रणाली स्थापित करना है। इस नए सुधार के तहत विदेशी नागरिकों के प्रवेश और प्रवास की शर्तों को पहले से अधिक सख्त बना दिया गया है। हालांकि, इस कदम का विभिन्न सामाजिक और मानवाधिकार संगठनों ने कड़ा विरोध किया है। आलोचकों का मानना है कि इन कड़े नियमों का सीधा नकारात्मक प्रभाव शरणार्थियों पर पड़ेगा। विशेष रूप से फ्रांस में शरण चाहने वालों के लिए यह पैक्ट कई चुनौतीपूर्ण परिणाम लेकर आया है। यह प्रणाली अब पूरे यूरोपीय संघ में एक समान मानक लागू करने का प्रयास कर रही है।