स्वीडन में एस्ट्रोजन की गंभीर कमी के कारण, रजोनिवृत्ति से गुज़र रही महिलाओं को दवाइयों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्हें डिलीवरी का इंतजार करना पड़ रहा है, विदेशों से दवाइयां मंगवानी पड़ रही हैं और दूरदराज की फार्मेसियों में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। लेखिका मारिया स्वेलैंड इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाती हैं कि महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता को चिकित्सा अधिकार क्यों नहीं माना जाता। यह कमी महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। स्थिति इस हद तक बिगड़ गई है कि महिलाएं दवाइयों की तलाश में बेताब हैं। इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि महिलाओं को आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके। स्वेलैंड का तर्क है कि महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और उन्हें उचित चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने का अधिकार होना चाहिए।