भाषा बोर्ड के निदेशक इल्मार तोमुस्क ने ERR को बताया कि एस्टोनियाई भाषा की शिक्षा में बदलाव का पहला निर्णय 1993 में ही लिया गया था, लेकिन समय सीमा को बार-बार स्थगित कर दिया गया। कानूनी स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलावों में दशकों लग गए। तोमुस्क के अनुसार, यह परिवर्तन बहुत देर से आया है। उन्होंने इस देरी के कारणों पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे राजनीतिक और सामाजिक कारकों ने इस प्रक्रिया को धीमा कर दिया। इस देरी के कारण एस्टोनियाई भाषा के विकास और उपयोग में बाधा आई। अब, एस्टोनियाई भाषा की शिक्षा को मजबूत करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं। यह बदलाव एस्टोनियाई संस्कृति और पहचान को संरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण है।