एस्टोनिया में एक नए अध्ययन से पता चला है कि देश की घटती जनसंख्या के बीच युवा पीढ़ी पर आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारी का बोझ बढ़ रहा है। वहीं, युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनकी स्वतंत्रता, निर्णय लेने की क्षमता और समाज में भागीदारी को बाधित कर रही हैं। संसदीय थिंक टैंक, फोरसाइट सेंटर की विशेषज्ञ एनेली किंडसिको के अनुसार, युवावस्था अब एक लंबा और अनिश्चित दौर बन गया है। जनसंख्या की उम्र बढ़ने और कम होने के कारण, देश युवाओं पर अधिक निर्भर है, लेकिन उनकी वास्तविक स्वतंत्रता मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा की अवधि, नौकरी बाजार में प्रवेश और जीवन यापन की लागत जैसे कारकों से प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। यह स्थिति एस्टोनिया के भविष्य के विकास के लिए एक चुनौती है।
