एस्टोनिया के सोशल डेमोक्रेट्स (SDE) अब डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के खिलाफ कड़े कदम उठा रहे हैं। पार्टी की मांग है कि बिना सहमति के यौन explicit डीपफेक चित्र बनाना और उन्हें फैलाना एक आपराधिक अपराध होना चाहिए। यह पहल हाल ही में पारित हुए सहमति कानून (consent law) के बाद की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल माध्यमों से होने वाले यौन शोषण और निजता के उल्लंघन को रोकना है। सोशल डेमोक्रेट्स इस मुद्दे पर कानूनी ढांचे को और मजबूत करना चाहते हैं। इस कदम से तकनीक के जरिए बनाई गई फर्जी अश्लील सामग्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव होगी। यह प्रस्ताव डिजिटल सुरक्षा और व्यक्तिगत गरिमा की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।