एस्टोनिया के प्रधानमंत्री क्रिस्टन मिचल ने अमेरिका द्वारा रूस के साथ डीजल समझौते को तीखी आलोचना का निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि तानाशाहों के साथ किए गए समझौते अंततः विनाशकारी होते हैं। प्रधानमंत्री मिचल ने इस समझौते को 'नरक का रास्ता' बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। यह समझौता अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक चिंता का विषय है, क्योंकि यह रूस को आर्थिक सहायता प्रदान करता है। प्रधानमंत्री मिचल ने अमेरिका से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। इस मामले पर आगे प्रतिक्रिया आने की संभावना है।