एस्टोनिया में बढ़ते सार्वजनिक ऋण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चिंता व्याप्त है, लेकिन कोई भी दल इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए आपसी समझौते को व्यावहारिक नहीं मानता। सभी दल इस बात से सहमत हैं कि देश का ऋण बढ़ रहा है, फिर भी वे एक संयुक्त रणनीति बनाने में असमर्थ हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभिन्न दलों के बीच विचारधारात्मक मतभेद इस तरह के समझौते में बाधक हैं। सरकार का कहना है कि आर्थिक विकास को बढ़ावा देकर और खर्चों में कटौती करके ऋण को कम करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार की नीतियां पर्याप्त नहीं हैं। वर्तमान स्थिति में, ऋण को कम करने के लिए दलों के बीच कोई ठोस सहमति नज़र नहीं आ रही है। यह स्थिति एस्टोनिया की अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
