आइवर कोक्क के अनुसार, बजट में सबसे बड़ा प्रभाव ‘श्वेतपोश’ पदों में कटौती से आएगा। उन्होंने जलवायु मंत्रालय को पहला लक्ष्य बनाने का सुझाव दिया है, जहाँ अनावश्यक कार्यों पर खर्च हो रहा है। कोक्क का तर्क है कि स्वस्थ जंगलों को आर्द्रभूमि में बदलना, पैकेजिंग से लड़ना, और नए नौकरशाही नियम लागू करना मूर्खतापूर्ण है। उनका मानना है कि इस तरह के कार्यों पर खर्च कम करके बजट को संतुलित किया जा सकता है। कोक्क ने मंत्रालय की नीतियों को अनावश्यक और हानिकारक बताया है। उनका प्रस्ताव है कि जलवायु मंत्रालय में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। वे सरकारी खर्च को अधिक प्रभावी बनाने की वकालत करते हैं।