एस्टोनिया के पूर्व राष्ट्रपति रायमोंड कालजुलैड ने यूरोप के प्रमुख देशों - ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी - द्वारा रूस के साथ राजनीतिक संवाद शुरू करने की पहल पर सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। उनका मानना है कि इन देशों के हित एस्टोनिया के हितों से मेल नहीं खा सकते। फिनलैंड और यूक्रेन द्वारा इस पहल का समर्थन किए जाने के बावजूद, कालजुलैड ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एस्टोनिया को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को ध्यान में रखते हुए इस पहल का मूल्यांकन करना चाहिए। यह पहल रूस के साथ संबंधों को सामान्य करने का प्रयास है, लेकिन एस्टोनिया के लिए संभावित जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कालजुलैड का तर्क है कि एस्टोनिया को अपनी विदेश नीति को स्वतंत्र रूप से निर्धारित करना चाहिए और बड़े देशों के हितों के अधीन नहीं होना चाहिए। यह बयान पूर्वी यूरोप में चल रही भू-राजनीतिक तनावों के बीच आया है।