एस्टोनिया में 1941 में सोवियत संघ द्वारा एस्टोनियाई नागरिकों के निर्वासन की 85वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस अवसर पर, तेलिन शहर में ‘आँसुओं का डिब्बा’ नामक एक सार्वजनिक कला स्थापना प्रदर्शित की जा रही है। यह प्रदर्शनी उन लोगों की याद में लगाई गई है जिन्हें सोवियत शासन के दौरान उनके घरों से जबरन निकाला गया था। ‘आँसुओं का डिब्बा’ नाम, निर्वासित लोगों की पीड़ा और दुःख को दर्शाता है। प्रदर्शनी का उद्देश्य इस दुखद घटना को याद दिलाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाना है। यह प्रदर्शनी इस सप्ताहांत तक तेलिन में आम जनता के लिए खुली रहेगी। यह घटना एस्टोनिया के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और दर्दनाक अध्याय है।
