एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना ने सोवियत संघ द्वारा साइबेरिया में एस्टोनियाई लोगों के निर्वासन की 85वीं वर्षगांठ पर एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास सिखाता है कि बिना सज़ा के छोड़े गए अपराध नए अपराधों को जन्म देते हैं। त्साहकना ने जून 1941 के निर्वासनों के पीछे की बुराई के पूरी तरह से खत्म न होने पर चिंता व्यक्त की। उनका बयान इस घटना की स्मृति को बनाए रखने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने की आवश्यकता पर जोर देता है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि अतीत के अन्याय को संबोधित करना वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। यह टिप्पणी एस्टोनिया में सोवियत शासन के पीड़ितों को याद करने और न्याय की मांग के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। त्साहकना का संदेश यह है कि जवाबदेही के बिना, अतीत की गलतियाँ दोहराई जा सकती हैं।
