टार्टू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि वैश्विक तापमान में हर 1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से एस्टोनिया का औसत वायु तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा। इसका मतलब है कि एस्टोनिया वैश्विक औसत की तुलना में 1.5 गुना तेजी से गर्म हो रहा है। यह अध्ययन जलवायु परिवर्तन के प्रति एस्टोनिया की विशेष संवेदनशीलता को दर्शाता है। शोध में आगे कहा गया है कि इससे देश में मौसम के पैटर्न और पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। एस्टोनिया को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। इस अध्ययन से नीति निर्माताओं और जनता को जलवायु परिवर्तन की गंभीरता और इसके स्थानीय प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह एस्टोनिया के लिए भविष्य की जलवायु नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।