एस्टोनिया के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इसके अनुसार, यदि माता-पिता किसी न्यायालय के आदेश से पहले स्वेच्छा से बाल सहायता राशि का भुगतान करते हैं, और बाद में न्यायालय द्वारा कम राशि का आदेश दिया जाता है, तो वे अतिरिक्त भुगतान की गई राशि वापस पाने का दावा नहीं कर सकते। यह फैसला उन मामलों पर लागू होता है जहां भुगतान स्वेच्छा से किया गया था, न कि किसी कानूनी बाध्यता के तहत। न्यायालय का मानना है कि स्वेच्छा से किए गए भुगतान को वापस मांगने का कोई कानूनी आधार नहीं है जब बाद में सहायता राशि कम कर दी जाती है। इस निर्णय से उन माता-पिता को राहत मिल सकती है जिन पर पहले अधिक राशि का भुगतान करने का दबाव था। यह फैसला भविष्य में इस तरह के मामलों में एक मिसाल कायम करेगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल उन मामलों पर लागू होता है जहां भुगतान स्वेच्छा से किया गया था।
