तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान अगले सप्ताह अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन का उपयोग तुर्की की अंतर्राष्ट्रीय छवि को मजबूत करने के लिए करेंगे। विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब उनकी सरकार पर आगामी राष्ट्रपति चुनावों से पहले राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दबाव बढ़ रहा है। 7-8 जुलाई को होने वाला यह शिखर सम्मेलन अंकारा को एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय भूमिका पर जोर देने का अवसर प्रदान करता है। एर्दोगान का उद्देश्य तुर्की को एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति को मजबूत करना है। हालांकि, उनकी सरकार के मानवाधिकार रिकॉर्ड और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो शिखर सम्मेलन में चर्चा का विषय बन सकते हैं। इस शिखर सम्मेलन के माध्यम से तुर्की का लक्ष्य नाटो के भीतर अपनी रणनीतिक महत्व को प्रदर्शित करना भी है।