तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान ने इस्तांबुल के पास स्थित ऐतिहासिक रूढ़िवादी ईसाई धर्मशाळा, हल्की थियोलॉजिकल स्कूल को फिर से खोलने पर बातचीत शुरू करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है। यह विद्यालय 50 से अधिक वर्षों से बंद है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते दबाव के बाद उठाया गया है। हाल ही में, इस विद्यालय को फिर से खोलने की मांग जोर पकड़ रही थी। एर्दोगान के इस निर्देश से तुर्की में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चल रही बहस को नई दिशा मिल सकती है। यह निर्णय तुर्की और पश्चिमी देशों के बीच संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, बातचीत की रूपरेखा और समय-सीमा स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह कदम एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।
