मीडिया एंड लॉ स्टडीज एसोसिएशन (MLSA) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की में पिछले सत्रह महीनों में राष्ट्रपति या सरकारी अधिकारियों का अपमान करने के मामलों में लगभग दो-तिहाई आरोपी पत्रकार थे। राष्ट्रपति रेचेप तय्यिप एर्दोगान इन मामलों में सबसे ज़्यादा शिकायत करने वाले व्यक्ति रहे हैं। अभियोजकों ने सोशल मीडिया पोस्ट और समाचार रिपोर्टों को सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया। रिपोर्ट से पता चलता है कि तुर्की में पत्रकारों पर कानूनी कार्रवाई का इस्तेमाल प्रेस की स्वतंत्रता को दबाने के लिए किया जा रहा है। यह स्थिति अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया की निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए चिंताजनक है। इन मामलों में अक्सर मानहानि के आरोप लगाए जाते हैं, जिससे पत्रकारों को जेल और कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि तुर्की में पत्रकारों की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।