तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान ने रविवार को एक साक्षात्कार में कहा कि यूरोपीय संघ की सदस्यता अब अंकारा के लिए प्राथमिकता नहीं है। यह बयान एर्दोगान के शुरुआती वर्षों में तुर्की की विदेश नीति के एक महत्वपूर्ण लक्ष्य से एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने हाल ही में 2024 में भी इसे रणनीतिक बताया था। एर्दोगान ने कहा कि यूरोप ने 53 वर्षों से तुर्की को स्वीकार नहीं किया है। इस बदलाव के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह तुर्की और यूरोपीय संघ के बीच तनावपूर्ण संबंधों का परिणाम हो सकता है। यह बयान तुर्की की विदेश नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है, क्योंकि एर्दोगान सरकार ने पहले यूरोपीय संघ की सदस्यता को प्राथमिकता दी थी। यह घोषणा तुर्की के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।