तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान इज़राइल के साथ युद्ध नहीं चाहते दिख रहे हैं, लेकिन सीरिया में हो रही घटनाओं के कारण उन्हें प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। सीरिया में किसी भी टकराव की स्थिति में अंकारा को जवाब देना होगा। इससे तुर्की के नए रक्षा गठबंधन की भी परीक्षा होगी। यह स्थिति क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है। एर्दोगान की रणनीति फिलहाल संयम बरतने की है, लेकिन सीरिया में हालात बिगड़ते हैं तो प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। तुर्की अपने रक्षा हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, और इस संदर्भ में वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।