तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने अल-जजीरा को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि हाल ही में तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हस्ताक्षरित रक्षा समझौता नए सदस्यों के लिए खुला है। उन्होंने विशेष रूप से मिस्र के संभावित शामिल होने की बात कही। एर्दोगान ने इस समझौते को क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बताया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि तुर्की अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा। यह समझौता तीनों देशों के बीच सैन्य और आर्थिक सहयोग को मजबूत करता है। विश्लेषकों का मानना ​​है कि मिस्र की संभावित भागीदारी इस गठबंधन के प्रभाव को और बढ़ाएगी और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकती है। एर्दोगान ने तुर्की की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि वह इस पहल का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।