इक्विनॉर के अनुसार, पेरिस समझौते में निर्धारित 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान वृद्धि को सीमित करने का वैश्विक लक्ष्य प्राप्त होना अब मुश्किल दिखाई दे रहा है। कंपनी का मानना है कि दुनिया इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में पर्याप्त प्रगति नहीं कर पा रही है। इक्विनॉर ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, लेकिन साथ ही यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। कंपनी ऊर्जा संक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की इच्छा व्यक्त करती है, लेकिन वैश्विक प्रयासों की गति को देखते हुए निराशा व्यक्त की है। इक्विनॉर का यह बयान जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है, क्योंकि यह दर्शाता है कि ऊर्जा उद्योग भी इस चुनौती की गंभीरता को समझ रहा है। यह आकलन वैश्विक जलवायु नीतियों और भविष्य की ऊर्जा रणनीतियों पर प्रभाव डाल सकता है। कंपनी ने इस विषय पर आगे विस्तार से जानकारी देने का वादा किया है।