पर्यावरण मंत्रालय को कासुपा परियोजना का विरोध करना चाहिए और इसे नेपच्यूनो में वापस भेजने का प्रस्ताव रखना चाहिए। यह परियोजना पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए मंत्रालय को इस पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मंत्रालय ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। कासुपा परियोजना के समर्थक इसके आर्थिक लाभों पर जोर दे रहे हैं, लेकिन पर्यावरणविद् इसके दीर्घकालिक पर्यावरणीय जोखिमों के बारे में चिंतित हैं। इस मुद्दे पर आगे की चर्चा और मूल्यांकन की आवश्यकता है ताकि एक संतुलित निर्णय लिया जा सके।
