আলোচকদের মতে, लैंगिक समानता स्थापित करने के लिए समाज को सामूहिक रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मनोरंजन माध्यम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मीडिया को लैंगिक रूढ़िवादिता को चुनौती देनी चाहिए और महिलाओं व पुरुषों को समान रूप से चित्रित करना चाहिए। मनोरंजन उद्योग लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता फैला सकता है और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। मीडिया के माध्यम से लैंगिक भेदभाव और असमानता के मुद्दों को उजागर करके लोगों को संवेदनशील बनाया जा सकता है। यह आवश्यक है कि मनोरंजन सामग्री में महिलाओं को सशक्त और सक्षम दिखाया जाए। लैंगिक समानता के लिए मीडिया की ज़िम्मेदारी महत्वपूर्ण है।