रब्बी यगाल लेविनस्टीन, जो 'मेकिनात अली' के प्रमुख हैं, ने अपने छात्रों के लिए एक तत्काल आह्वान किया है। उन्होंने छात्रों से 'सयरत मतकल' (Sayeret Matkal) नामक विशिष्ट इकाई में शामिल न होने का आग्रह किया है। रब्बी लेविनस्टीन का यह कदम धार्मिक मान्यताओं और सैन्य सेवा के बीच टकराव को दर्शाता है। उनका दावा है कि इस इकाई में धार्मिक लड़ाकों को महिला लड़ाकों के साथ तैनात किया जा रहा है। यह स्थिति उनके धार्मिक सिद्धांतों के विपरीत है, जहाँ लिंग-आधारित पृथक्करण को महत्व दिया जाता है। इस विवाद ने धार्मिक समुदाय के भीतर सैन्य सेवा की शर्तों पर एक नई बहस छेड़ दी है। यह आह्वान विशेष रूप से उन युवाओं के लिए है जो अपनी धार्मिक पहचान और देश सेवा के बीच संतुलन बनाना चाहते हैं।