इंग्लैंड की फुटबॉल टीम विश्व कप में प्रबल दावेदार बनकर उभरी है। दशकों से चले आ रहे निराशाजनक परिणामों के बावजूद, टीम अब जीत का प्रबल दावेदार मान रही है। टीम पर ‘फुटबॉल को घर लाने’ का दबाव है, जिसे वे सकारात्मक रूप से ले रहे हैं। कोच और खिलाड़ी दोनों ही इस दबाव को स्वीकार करते हुए, बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंग्लैंड अब अतीत की असफलताओं से सबक लेकर, भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। टीम का मनोबल ऊंचा है और वे विश्व कप जीतने का सपना देख रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इंग्लैंड इस बार अपनी उम्मीदों पर खरा उतर पाता है।
