अत्यधिक कार्य तनाव से जूझ रहे एक इंजीनियर ने दवाओं को समस्या के बजाय समाधान के रूप में देखा। उच्च शिक्षा और एक स्थिर करियर के बावजूद, वह मेथाडोन नामक नशीली दवा की लत का शिकार हो गया। यह घटना कार्यस्थल के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की ओर इशारा करती है। इंजीनियर ने तनाव से निपटने के लिए गलत रास्ता चुना, जिससे उसकी जिंदगी पटरी से उतर गई। यह कहानी इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे पेशेवर सफलता भी व्यक्ति को व्यक्तिगत संघर्षों से नहीं बचा सकती। इस तरह की स्थिति में, समय पर मदद लेना और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है। यह मामला नशीली दवाओं के दुरुपयोग की बढ़ती समस्या और इसके गंभीर परिणामों की एक चेतावनी है।