एंगा प्रांतीय पुलिस कमांडर, चीफ इंस्पेक्टर डैनियल यांगेन ने प्रांतीय कानून और व्यवस्था अधिकारियों और गांव अदालत के मजिस्ट्रेटों से आपराधिक मामलों में मध्यस्थता बंद करने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि न्याय पहले दिया जाना चाहिए, और मुआवजे के लिए मध्यस्थता केवल तभी होनी चाहिए जब दोषियों को जेल में डाल दिया जाए। यांगेन का मानना है कि अपराधियों को दंडित किए बिना मध्यस्थता करने से न्याय की प्रक्रिया कमजोर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों और मजिस्ट्रेटों से कानून के शासन का पालन करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि अपराधों के लिए उचित सजा दी जाए। यह कदम एंगा प्रांत में आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के उद्देश्य से उठाया गया है। पोस्ट कूरियर में प्रकाशित इस खबर से पता चलता है कि पुलिस प्रमुख अपराध नियंत्रण और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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