अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित 'ऊर्जा युद्धविराम' रूस या यूक्रेन को प्रभावित करने में विफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप सोमवार को तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि हुई। ट्रम्प का उद्देश्य ऊर्जा बाजारों को स्थिर करना था, लेकिन इस घोषणा का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा। रूस और यूक्रेन के बीच तनाव को कम करने के लिए यह प्रयास किया गया था, लेकिन दोनों देशों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण कीमतों में वृद्धि हुई है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की संभावना है। यह 'युद्धविराम' ऊर्जा की कीमतों को नियंत्रित करने में विफल रहा और बाजार की अस्थिरता बनी रही।