2018 से अब तक 1,370 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित तटबंध बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करने के बजाय जलजमाव की समस्या पैदा कर रहा है। यह तटबंध, जो सुरक्षा कवच बनने के लिए बनाया गया था, अब स्वयं ही एक जाल बन गया है। इस परियोजना पर भारी धनराशि खर्च होने के बावजूद, इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तटबंध के कारण जल निकासी व्यवस्था बाधित हो रही है, जिससे बारिश के दौरान पानी जमा हो जाता है। अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा करने और समस्या के समाधान के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि तटबंध के निर्माण में क्या गलतियां हुईं। भविष्य में ऐसी परियोजनाओं की योजना बनाते समय जल प्रबंधन के नए तरीकों पर विचार करने की आवश्यकता है।