अमेरिका के एक प्रसिद्ध विश्वविद्यालय के छात्रों ने कोकेन तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क चलाया। इस अवैध कारोबार का संचालन विश्वविद्यालय के भीतर ही किया जा रहा था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस नेटवर्क में नए सदस्यों को शामिल करने की एक विचित्र प्रक्रिया थी। एक फ्रेटरनिटी (छात्र संगठन) के सदस्य बनने के इच्छुक उम्मीदवारों को एक कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ता था। दीक्षा संस्कार के हिस्से के रूप में, इन उम्मीदवारों को जबरन ड्रग्स पैक करने का काम सौंपा जाता था। इस तरह से ड्रग्स की पैकेजिंग को संगठन में प्रवेश की एक अनिवार्य शर्त बना दिया गया था। अंततः कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इस नेटवर्क का पता लगाकर इसमें शामिल छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला शैक्षणिक संस्थानों में गंभीर अपराधों की उपस्थिति को उजागर करता है।