रोमैन गैव्रस की नई फिल्म, "किवालसज़टॉक" (Kiválasztottak), आज की अभिजात वर्ग की पाखंडपूर्ण हरकतों पर व्यंग्य करने का प्रयास करती है। फिल्म में दर्शाया गया है कि जो लोग ग्रह को बचाने की बात करते हैं, वे अक्सर निजी जेट से यात्रा करते हैं और दो महंगे जलवायु सम्मेलनों के बीच समय बिताते हैं। यह फिल्म दिखाती है कि कैसे अभिजात वर्ग जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में अपनी भूमिका को लेकर दिखावा करता है। "किवालसज़टॉक" (Kiválasztottak) में बताया गया है कि दुनिया को बचाने का दावा करने वाले लोग वास्तव में कितने स्वार्थी और पाखंडी हो सकते हैं। फिल्म एक तीखा सामाजिक टिप्पणी है जो वर्तमान समय में जलवायु संकट से निपटने के तरीके पर सवाल उठाती है। यह दिखावा और वास्तविकता के बीच के अंतर को उजागर करती है, और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि वास्तव में ग्रह को कौन बचाएगा।