एक नए अध्ययन से पता चला है कि बड़े शहरों में विद्युत् गतिशीलता की ओर बदलाव बहुत धीमी गति से हो रहा है। कई शहरों में, विद्युत् बसें बिल्कुल भी नहीं चलाई जा रही हैं। यह अध्ययन शहरी परिवहन में विद्युतीकरण के मार्ग में आने वाली चुनौतियों को उजागर करता है। शहरों में अभी भी डीजल बसों पर बहुत अधिक निर्भरता है, जिससे प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में वृद्धि हो रही है। विद्युत् बसों को अपनाने में लागत, बुनियादी ढांचे की कमी और रेंज की चिंता जैसे कारक बाधा बन रहे हैं। परिवहन एजेंसियों को विद्युतीकरण को बढ़ावा देने के लिए अधिक निवेश और नीतियों की आवश्यकता है। इस बदलाव से शहरों को स्वच्छ हवा और टिकाऊ परिवहन प्रणाली प्राप्त करने में मदद मिलेगी।