इलेक्ट्रिक वाहनों और पेट्रोल कारों की ड्राइविंग में महत्वपूर्ण अंतर होता है, जिसके कारण सुरक्षा और नियंत्रण के लिए अलग ड्राइविंग तकनीक की आवश्यकता होती है। इलेक्ट्रिक वाहन तुरंत टॉर्क उत्पन्न करते हैं, जिससे त्वरित गति मिलती है, लेकिन इसके लिए चालक को अभ्यस्त होने की आवश्यकता होती है। पारंपरिक कारों में इंजन ब्रेक लगाने में मदद करता है, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों में यह सुविधा कम होती है, इसलिए चालक को ब्रेक लगाने की योजना पहले से बनानी होती है। ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए, इलेक्ट्रिक वाहनों में ‘रीजेनरेटिव ब्रेकिंग’ का उपयोग किया जाता है, जो गति कम करने पर बैटरी को चार्ज करता है, जिससे ड्राइविंग अनुभव बदल जाता है। इलेक्ट्रिक वाहनों का वजन अक्सर पेट्रोल कारों से अधिक होता है, जो हैंडलिंग को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, इलेक्ट्रिक वाहन चलाते समय इन विशिष्टताओं को ध्यान में रखना आवश्यक है ताकि सुरक्षित और कुशल ड्राइविंग सुनिश्चित की जा सके। निर्माताओं द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।