आगामी 2026 के आम चुनावों पर नागरिक निगरानी कर रहे 'अंडर स्क्रूटिनी' गठबंधन ने चुनाव पूर्व अवधि में अब तक 528 अनियमितताएँ दर्ज की हैं। इनमें से सबसे अधिक मामले समय से पहले चुनाव प्रचार (206) और सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग (206) से संबंधित हैं। चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के अन्य मामले भी सामने आए हैं। गठबंधन ने पाया है कि सरकारी संसाधनों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इन उल्लंघनों पर कोई रोक या दंड नहीं लगाया जा रहा है। यह स्थिति चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। निगरानी दल इस मामले पर लगातार नजर रख रहा है और आगे भी अनियमितताओं की रिपोर्ट जारी करेगा। इन अनियमितताओं को दूर करने और चुनावों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष बनाने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।